BIHAR STAFF SELECTION COMMISSION
बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) से नौकरी की आस लगाए युवाओं के लिए राहत की खबर है। सरकार ने आयोग की नियमावली में संशोधन किया है। ऐसे में अब बीएसएससी भी ऑनलाइन परीक्षा ले सकता है। कंप्यूटर बेस्ड परीक्षा लेनेवाला बीएसएससी पहला आयोग होगा। अभी राज्य में कोई भी चयन आयोग कंप्यूटर आधारित परीक्षा नहीं लेता है।
इस संशोधन के साथ बीएसएससी, आईबीपीएस और एसएससी के बराबर हो गया है। आयोग के चेयरमैन संजीव कुमार सिन्हा ने बताया कि देश में कई एजेंसियां कंप्यूटर बेस्ड परीक्षा कराती हैं। अब वो भी किसी एजेंसी को कंप्यूटर बेस्ड परीक्षा के लिए आउटसोर्स करेंगे। कंप्यूटर आधारित परीक्षा लेने में होगा सक्षम : बिहार कर्मचारी चयन आयोग परीक्षा संचालन नियमावली, 2010 के नियम-5 के 2 में संशोधन किया गया है। इसमें बताया गया है कि आयोग किसी भी परीक्षा के लिए कंप्यूटर आधारित किसी परीक्षा के संचालन हेतु निर्णय लेने के लिए स्वयं सक्षम होगा। अर्थात अब आयोग कलम-पेंसिल या कंप्यूटर आधारित दोनों तरीके से परीक्षा ले सकता है।
यह संशोधन सामान्य प्रशासन विभाग के 6 मार्च के आदेश से किया गया है। बड़ी परीक्षाएं कराने में होगी आसानी : कंप्यूटर आधारित परीक्षा न सिर्फ अभ्यर्थियों के लिए बल्कि बीएसएससी के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी राहत देनेवाला है। मानव और अन्य संसाधनों से जूझ रहा बीएसएससी अब बड़ी-बड़ी परीक्षाओं को आसानी से ले सकेगा। बता दें कि अभी तक इंटर स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा इसलिए अटकी हुई है कि इसमें 18 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी हैं। कॉपी-पेंसिल से परीक्षा लेने के लिए भारी मात्र व संख्या में संसाधन चाहिए, जो आयोग के पास नहीं है। ऐसे में यह संशोधन अभ्यर्थी व आयोग दोनों के लिए राहत बन कर आई है।
BSSC इंटर स्तरीय परीक्षा संशय खड़ा हो गया है।
बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) की इंटर स्तरीय परीक्षा समय से होने पर संशय खड़ा हो गया है। यह आशंका आयोग के पास अपना स्ट्रांग रूम नहीं होने के कारण उठ रही है। उसके पास अपनी कोई व्यवस्था नहीं जहां ओएमआर शीट, प्रश्न पत्र अथवा अन्य कोई अति गोपनीय फाइल रखी जा सके। आयोग की परीक्षाओं के लिए पहले बिहार कंबाइंड इंट्रेंस कम्पटिटिव एग्जामिनेशन बोर्ड (बीसीईसीई) के स्ट्रांग रूम का इस्तेमाल होता था लेकिन इस बार बीसीईसीई ने स्ट्रांग रूम देने से इंकार कर दिया है। ऐसे में आयोग के सामने यह समस्या आ गई है कि जिलों से ओएमआर शीट से भरकर आने वाले बक्से कहां रखे जाएंगे।
आठ हजार से अधिक होंगे बक्सेः बीएसएससी की ओर से परीक्षा के लिए सभी जिलों के डीएम द्वारा नियुक्त नोडल पदाधिकारियों की बैठक 20 सितंबर को बुलायी गयी है। इस बैठक में अक्टूबर और नवंबर में परीक्षा की संभावित तिथि पर विचार किया जाएगा। परीक्षा केन्द्रों के बारे में जानकारी भी मांगी गयी है। आयोग सूत्रों का ही कहना है कि स्ट्रांग रूम की व्यवस्था नहीं होने के कारण परीक्षा तिथि तय होने में संदेह है। इस परीक्षा के लिए 18.50 लाख परीक्षार्थियों ने आवेदन किया है। बैठक में ओएमआर शीट के बक्सों की सुरक्षा पर भी चर्चा होगी। उल्लेखनीय है कि फरवरी में पेपर लीक होने के कारण परीक्षा रद्द कर दी गई थी। तब चार चरण में परीक्षा के लिए राज्यभर में 742 परीक्षा केन्द्र बनाए गए थे। एक केन्द्र से प्रत्येक चरण में तीन से चार बक्से आते हैं। चार चरणों की परीक्षा के बाद अगर बक्सों की संख्या जोड़ी जाए तो 8 हजार से ज्यादा हो जाएगी। इतनी संख्या में बक्से कहां रखे जाएंगे। इसका इंतजाम नहीं हो सका है। फरवरी में पेपर लीक प्रकरण के बाद बीएसएससी के पूर्व अध्यक्ष और सचिव की गिरफ्तारी हुई थी। दोनों अभी भी जेल में हैं। इस कारण वर्तमान अफसर भी फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं। परीक्षा में देरी के लिए इसे भी कारण माना जा रहा है।



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